संस्थान के बारे में
     Name
     Phone
     City
     Email
     Query
   
   
 संस्थान के लक्ष्य और उद्धेश्य

संस्थान को विनिमयों के उल्लेखानुसार इसके लक्ष्य व उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
(A)
संस्थान के एक इकाई के रूप में श्री रघुबीर लायब्रेरी को हस्तगत करना, इसको समुचित रूप से सुव्यवस्थित व संगठित करना, पूर्णतया सुसमृद्ध करते रहना और इसकी समुचित सुरक्षा करना ।

(B)
संस्थान की एक इकाई के रूप में ‘श्री केशवदास अभिलेखागार’ की स्थापना, विकास और इसमें संगृहीत अभिलेखों आदि की समुचित रूपेण सुरक्षा करना ।

(C)
संस्थान की एक इकाई के रूप में ‘श्री राजसिंह संग्रहालय’ की स्थापना, उसका विकास और उसमें संगृहीत प्रदर्शनीय वस्तुओं आदि की सुरक्षा करना ।

(D)
ऐतिहासिक शोध और अध्ययनों के लिये माइक्रों फिल्मस् अथवा अन्य साधनों द्वारा प्रतिलिपियाँ तैयार करने हेतु संस्था में एक इक अस्थापित करना, उसको संगठित कर उसका समुचित विकास करना।

(E)
ऐतिहासिक शोध और अध्ययन हेतु संस्थान में आने वाले संशोधकों को सुविघाएं और आवश्यक सहयोग देना और उसके अनुरोध किये जाने पर उनका मार्गदर्शन करना।

(F)

ऐतिहासिक शोध कार्य और अध्ययन के लिए आयोजित कार्यक्रमों के अतिरिक्त संस्थान द्वारा प्रारम्भ किये जाने वाली शोध परियोजनाओं के उचित निष्पादन हेतु एक शोध-केन्द्र की स्थापना कर उसे समुचित रूपेण सुव्यवस्थित करना ।


(G)
संस्थान के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किसी भी प्रकार की वित्तीय अथवा अन्य प्रकार की सहायता प्राप्त करना ।

(H)
संस्थान के तत्वावधान में ऐतिहासिक शोध-कार्यों और अध्ययन हेतु छात्र-वृत्तियों की स्थापना करना ।

(I)

संस्थान की विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध सामग्री और संस्थान की कार्यवाहियों आदि से संबंधित सूचियों (केटलोग) व पुस्तिकाएँ आदि प्रकाशित करना और संस्थान में हुए अध्ययन व शोध कार्यों के परिणामों के प्रकाशनार्थ समुचित कार्यवाही करना या आवश्यक सहायता सुलभ करना ।


(J)
संस्थान के उद्धेश्यों की पूर्ति हेतु अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों में पूर्ण सहयोग तथा सहायता प्रदान करना ।

(K)
संस्थान में ऐतिहासिक शोध-कार्यों तथा अध्ययन द्वारा ज्ञान तथा विद्या का निरन्तर विकास करना ।