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श्री राजसिंह संग्रहालय

मूल योजनानुसार संस्थान की तीसरी इकाई के रूप में श्री राजसिंह संग्रहालय की स्थापना के लिए डा. रघुबीरसिंह ने लदूना स्थित गढ़ संस्थान को भेंट स्वरूप प्रदान कर दिया है। यहाँ पर ”राज-निवास“ महल में इस संग्रहालय को व्यवस्थित किया जावेगा । इसमें इस क्षेत्र की कलाकृतियों के साथ ही भित्ती चित्रों और मनोहारी दृश्य से इसको दर्शनीय बनाया जायेगा । कलाकृतियों के साथ ही यहाँ प्राचीन सिक्कों, ताम्रपत्रों और दुर्लभ वस्तुओं के प्रदर्शन की भी योजना है । राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली द्वारा श्री राजसिंह संग्रहालय के विकास हेतु आर्थिक अनुदान दिया जिसमें संग्रहालय में संगृहीत करने के लिए मन्दसौर शहर से प्राप्त भित्ती चित्रों, मन्दसौर जिले के पुरातात्विक महत्त्व के स्थलों, शैल चित्रों के रंगीन और श्वेत-श्याम छायाचित्रों का संकलन किया गया है । साथ ही संग्रहालय हेतु कैमरा, ट्रेक लाइट्स और पुस्तकें भी क्रय की गई है ।

 

रिस्थल शिलालेख
ओलिकर राजवंश संबंधी रिस्थल शिलालेख सं0 572 वि0 (515-16 ई0) रिस्थल ग्राम से 1983 ई0 में खुदाई करते समय प्राप्त हुआ । इस शिलालेख से ओलिकर वंश के राजा प्रकाशधर्मन द्वारा तोरमाण हूण को परास्त करना, उसके द्वारा एक शिव मन्दिर, धर्मशाला व तालाब निर्माण आदि कार्यों पर प्रकाश पड़ता हैं ।


इसके अतिरिक्त सीतामऊ और लदूना कस्बे के 58 शिलालेखों की छापें ली गयी और उन शिलालेखों को सम्पादित कर प्रकाशित किये । ये शिलालेख सीतामऊ राज्य की प्रशासनिक, धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हैं ।

ताम्रपत्र
ऐतिहासिक आधार सामग्री में ताम्रपत्र और छाया चित्रों को भी संगृहीत किया गया है । आठ पत्रों का विवरण निम्नानुसार है -

ताम्रपत्र देने वाला प्राप्तकर्ता तिथि
महाराजा उदेभाण कविराय करमचन्द मंगलवार दि0 चैत्र सुदि 3, 1720 वि0 (मार्च 31, 1663 ई0)
कुंवर घणराम चारण ईसरदास जेठ वदि 1, 1732 वि0 (शुक्रवार, अप्रेल 30, 1675 ई0)
महाराजा कन्हींराम महियारिया, छतरदास काती सुदि 2, 1769 वि0 (नवम्बर10, 1706 ई0)
महाराव भीमसिंह महियारिया, छतरदास काती सुदि 2, 1769 वि0 (अक्तू0 20, 1712 ई0)

महाराज कुंवार

महियारिया आणदराम काती सुदि 11, 1770 वि0(अक्तूबर)
अमरसिंह व राजकुमार   18, 1713 ई0)
महाराजा अभयसिंह (जोधपुर) दधवाड़िया मुकुंद केसोदासोत द्वितीय आसाढ़ सुदि 5, 1781 वि0
(जुलाई 5, 1725 ई0)
महाराव मुकंदसिंह ईसरदास आसोज सुदि 14, 1731 वि0
महाराजा सीवसिंहजी खवास देआराम आसोज वदि 13, 1800 वि0